Tuesday, 4 October 2016

एक माँ ने जान दि....... एक माँ के लिए उसने अपनी जान दि......

         मेरे कई मित्र शायद यह सोच रहे होगे कि रोज अंग्रेजी छाटने वाली आज हिंदी मे कैसे, तो उन सबको कहना चाहती हूँ की सारी दुनिया एक तरफ और अपनी मात्र भाषा एक तरफ,आजकल देश के आर्थिक मुद्ददो पर चर्चा करना बढी ही आम बात हो गई है, चाय कि टपरी या किसी महंगे रेस्टरान्ट मे बैठ कर यह कहना बढा ही आसान है कि मै अपने देश के लिए यह कर सकता हूँ , वो कर सकता हूँ ......पर कया सही मे अपने देश के लिए कुछ कर सकते हो, शायद आप मेसे कुछ 'हाँ' कहे परंतु एक कटु सत्य
यह भी हे कि हम बढी  बढी बाते तो करते हे लेकिन उसपर कभी गंभीर हो कर नही सोचते....अरे आज पता हे ' अखबार 'या 'समाचार' मे 'ये 'था... आज पता हे ' अखबार ' या 'समाचार' मे 'वो' था मे ही रह जाते है....हालही मे असहिष्णुता का मुद्ददा बढा हि गरमाया हुआ था...बढे बढे बुद्धिजीवो ने अपनी - अपनी राय रखी, काफी हो हऌा भी मचा , पर कया आप भी एेसी वीचारदारा रखते हो मित्रो...भाई मुझे तो कभी ऐसा नही लगा और मेरा मानना हे की अगर इस देश के सच्चे
नागरीक हाे तो आप को भी ऐसा नही लगना चाहिए, अगर फिर भी शक हे तो जाँककर देखो उस माँ कि आँखो मे जीसकी नजरे सदेव द्ववार पर टिकी रहती है, अपने उस आँखो के तारे पर जो किसी देश कि सीमा पर हमारी और आपकी रक्षा करता है, सहिष्णल तो उस वृदध पिता के अशक है जो अपने सैनिक बेटे की शहादत पर बहना तो चाहते है लेकिन किसी तरह अपनी मात्र भूमी के प्रेम वष अपने आप को रोक लेते है| सहिष्णल ताे वे सैनीक है जो चीलमिलाती धूप को अपना मित्र बना देते है और बर्फिले  तुफानो को अपना संगीसाथी बना लेते है, अरे अगर सहिष्णलता देखनी है तो इन सैनीको की शहादत मे देखो....उनके बचो की उस तिलमिलाहट मे देखो जो ना जाने कितने दिन अपने पिता को गले से लगाना चाहते होगें|
       देखो उन वृदध माँ-बाप कि बुढापे कि लाठी को जो हमारे माँ-बाप कि रक्षा के लिए कितनी कठीन परिस्थिति का सामना करते है| कया भीतती होगी उस माँ के ह्रदय पर जब उसका अपना खून आपके अपनो के लिए खून बहाता है....मित्रो यह भी आपको बढी-बढी बाते लग रही होगी...पर कतई नही कयोकी मेरा मानना यह है कि अगर अपने देश के लिए कुछ करना हि चाहते हो तो ईन असहिष्णुता की बातो को परे रख उनका समान करो जो देश के आत्मसम्मान
के लिए समुद्र की उफानी लहरो से लेकर बादलो को चीरते हुए, बर्फ की सफेद चादर मे लिपटे, रेगिस्तान की तपतपाती रेत मे अपने देश की अापकी और हमारी रक्षा करते है| मुझे अपने भारतीय होने पर गर्व है, गर्व है मुझे हमारे देश कि थल सेना, वायु सेना तथा नेवी पर....मत बुलो कि जब रात को हम सब चैन कि नींद सोते है तब वे सीमा पर रहकर हम सबकी रक्षा करते है; मत बुलो कि अगर एक माँ ने उसे जान दी है, तो एक माँ के लिए उसने अपनी जान भी दि है.......| 


37 comments:

  1. Bilkul Sahi Kaha Aapne Mera Salute hain Bharat ke un Veer Sipahiyon Ko Aur Unke Ma Pita Aur Pariwar Walo Ko Jinki Wajah Se Hum Log Shati Se Rah Pa Rahe Hain Jai Hind

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  2. जबर्दस्त शानदार जोरदार
    जय हिंद
    भारत माता के वीरों को शत शत नमन
    और उन देश के गद्दारों को मोह तोड़ जवाब दो सर जी जिनको सेना की कार्यवाही का सुबूत चाइये।
    भारती सेना को शत शत नमन।

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  3. जबर्दस्त शानदार जोरदार
    जय हिंद
    भारत माता के वीरों को शत शत नमन
    और उन देश के गद्दारों को मोह तोड़ जवाब दो सर जी जिनको सेना की कार्यवाही का सुबूत चाइये।
    भारती सेना को शत शत नमन।

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  4. It's true we proud our army we salute them we proud I am Indian jai hind jai Barat mata

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  5. बहुत ही बेहतरीन लेख लिखा है। जय हिंद

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  6. Josh aur junoon se bhare hua vichar

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  7. thnx mam thnx alot aapki appreciation k liye

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  8. tober 2016 at 09:28
    Waah bahut badiya ahar aaj ki pidi isi soch k saath chale to yakinan hamare veer sipahiyon ko wo samman mil k rahega jisse wo aaj tak vanchit rahe hain hume hamare desh k liye aap jaise soch rakhnewalo ki bahut zaroorat hai
    Aapka article aur aapki soch behad umda hai ise banaye rakhiyega
    Aur hamare veer sipahiyon ko shat shat naman hum sab bhartiya unke saath hain

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  9. बहुत ही बढीया।

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  10. good one...proud of our military and sudhir sir ji too

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  11. thnk u didn't hope ki itne log pasand karange

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  12. Very Good Priyanka... Keep it up.. My sincere appreciation to you

    Regards,
    Jayant Bhimani

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  13. Excellent.... Very well said.
    Keep on spreading the good (rather, the best) things.
    Majority of we Indians need some one to wake us up.
    Your triumph will go a long way; Priyanka.
    - Vineet Kumar Ojha

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  14. kya khoob likha hi....hum sab ko garv hi inn pe...

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  15. sahi kaha aapne....salute to all of them

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  16. jai jawan....jai hind...keep writing such beautiful articles

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  17. nice one priyanka....jai jawan...kaamal ka likha hi

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  18. I m not "Handsome" but I can give my "hand" to "some" one who need help ..proud of our solider's

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  19. wow great yaar... well said seriously... write some more like this...good job proud of u

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  20. Jai jawan jai kisan..nice one

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  21. आज पढा अति सुदंर।

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